डिप्लोमेसिया 2026 के माध्यम से एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी ने कक्षाओं को वैश्विक संवाद के मंच में बदला
कोलकाता, 17 जुलाई, 2026: एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी का परिसर भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं की ऊर्जावान आवाज़ों से गूंज उठा, जब डिप्लोमेसिया 2026 – डायलॉग बियॉन्ड बॉर्डर्स के तहत 300 से अधिक युवा प्रतिनिधियों ने कूटनीति, सुशासन, विधि और वैश्विक विषयों पर आधारित एक व्यापक शैक्षणिक अनुभव में भाग लिया। मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN), यूथ पार्लियामेंट, मूट कोर्ट और इंटरनेशनल प्रेस सिमुलेशन के समावेश ने इस सम्मेलन को एक ऐसा मंच बनाया, जिसने विद्यार्थियों को कक्षा की सीमाओं से आगे बढ़कर वास्तविक वैश्विक मुद्दों पर विचार करने, संवाद स्थापित करने तथा जागरूक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. राहुल वर्मा, सचिव जनरल, वेस्ट बंगाल फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशन; सुश्री जेसिका गोम्स सुराना, प्राचार्या, बिरला हाई स्कूल, मुकुंदपुर; सुश्री रीमा चौधुरी, उप-प्राचार्या, एपीजे स्कूल, पार्क स्ट्रीट; तथा श्री सिद्धार्थ घोष, संस्थापक, कॉन्टूर्स एंड पाथवेज प्राइवेट लिमिटेड एवं एक्सप्रेसन विथ सिद्धार्थ के निर्माता एवं होस्ट, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ाया।
सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर विचारोत्तेजक चर्चाओं, नीतिगत विमर्श, विधिक बहसों तथा मीडिया सिमुलेशन में सक्रिय भागीदारी की। इन गतिविधियों ने उन्हें जटिल विषयों का विश्लेषण करने, समाधान खोजने तथा अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया। डिप्लोमेसिया 2026 केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसा सशक्त मंच बनकर उभरा, जहाँ युवा प्रतिभाओं ने विविध दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान किया, पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा दिया और सार्थक संवाद के वास्तविक महत्व को समझा। सम्मेलन ने टीमवर्क, नवाचार और उत्तरदायी नेतृत्व की भावना को सुदृढ़ करते हुए प्रतिभागियों में समालोचनात्मक सोच, प्रभावी संप्रेषण और सहयोगात्मक कार्यशैली जैसे गुणों का विकास किया, जो उन्हें भविष्य का परिवर्तनकारी नेतृत्वकर्ता बनने में सहायक होंगे।
अपने विचार व्यक्त करते हुए एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी की प्राचार्या डॉ. जयिता गांगुली ने कहा, "डिप्लोमेसिया 2026 केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं थी, बल्कि यह एक ऐसा परिवर्तनकारी शिक्षण अनुभव था, जिसने हमारे विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त करने और विविध दृष्टिकोणों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसने हमारे इस विश्वास को और मजबूत किया कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे जिम्मेदार, संवेदनशील और वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले नागरिकों के निर्माण का माध्यम बनना चाहिए। प्रत्येक प्रतिभागी द्वारा प्रदर्शित उत्साह और परिपक्वता पर हमें अत्यंत गर्व है।"
एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी के सचिव श्री जयदीप पटवा ने कहा, "एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी में हमारा विश्वास है कि शिक्षा विद्यार्थियों को विचारशील नेतृत्वकर्ता और जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करे। डिप्लोमेसिया 2026 ने संवाद, वाद-विवाद और सहयोग के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को वास्तविक वैश्विक चुनौतियों से जोड़ते हुए इसी सोच को साकार किया। प्रत्येक प्रतिभागी द्वारा प्रदर्शित उत्साह और परिपक्वता हमारे लिए गर्व का विषय है।"
डिप्लोमेसिया 2026 के सफल समापन के साथ यह सम्मेलन अनुभवात्मक शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। विचारों के आदान-प्रदान, विभिन्न दृष्टिकोणों पर सार्थक बहस और वास्तविक वैश्विक मुद्दों पर सहयोग के माध्यम से एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी ने एक बार फिर समग्र शिक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। सम्मेलन का समापन नए उत्साह और उद्देश्य के साथ हुआ, जिसने प्रतिभागियों को जागरूक निर्णयकर्ता, जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील नेतृत्वकर्ता बनने की प्रेरणा दी, ताकि वे निरंतर बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सार्थक योगदान दे सकें।
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