डाबर, आधुनिक पैकेजिंग (पैकिंग) और जागरूकता अभियान के साथ आयुर्वेद को आज के उपभोक्ताओं के और करीब लाएगा


कोलकाता, 15 दिसंबर 2025: दुनिया की सबसे बड़ी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा कंपनी, डाबर इंडिया लिमिटेड ने आज एक बड़े रणनीतिक कार्यक्रम की शुरुआत की घोषणा की है। इस कार्यक्रम में कई पहलें शामिल हैं, जिनका उद्देश्य आयुर्वेद को आधुनिक जीवन-शैली के करीब लाना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं की नई पीढ़ी के लिए इसे और अधिक आकर्षक बनाना है
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होलिस्टिक वेलनेस  में बढ़ती वैश्विक रुचि को देखते हुए, डाबर की पहल तीन मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है: व्यापक (ज़्यादा) आकर्षण के लिए पैकेजिंग को आधुनिक बनाना; 'आयुर्वेद संवाद' के माध्यम से ज्ञान साझा करना; और स्वास्थ्य शिविरों के ज़रिए समुदाय तक पहुँच बनाना है.

इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. भुवनेश्वर पांडे, ब्रांड मैनेजर - एथिकल्स, डाबर इंडिया लिमिटेड ने कहा कि डाबर ने अपनी आयुर्वेदिक दवाओं और एथिकल उत्पादों की पूरी श्रृंखला को नई, समकालीन (मॉडर्न) पैकेजिंग में पेश किया है। उन्होंने कहा, 'नई डिज़ाइन में दमदार ब्रांड पहचान, चटकीले रंग और बेहतर पठनीयता (आसानी से पढ़ने योग्य होना) शामिल है, जो स्टोर पर उत्पाद की मजबूत उपस्थिति और ग्राहक जुड़ाव को सुनिश्चित करता है। यह बदलाव आयुर्वेद की प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए, परंपरा को आधुनिक सौंदर्यबोध के साथ मिश्रित करने की डाबर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

ग्राहकों की जागरूकता को मज़बूत बनाने के लिए, डाबर कोलकाता में अपना प्रमुख कार्यक्रम 'आयुर्वेद संवाद' आयोजित कर रहा है। यह मंच प्रमुख आयुर्वेदिक डॉक्टरों, शोधकर्ताओं को 'संभासा' सत्रों (SAMBHASA sessions) या इंटरैक्टिव चर्चाओं के लिए एक साथ लाएगा। इन चर्चाओं का विषय आयुर्वेद का वैज्ञानिक आधार, इसके व्यावहारिक उपयोग और आधुनिक जीवनशैली की चुनौतियों से निपटने में इसकी भूमिका होगा। इस कार्यक्रम का लक्ष्य आयुर्वेद को रोजमर्रा के जीवन में शामिल करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ बनाना और नए शोध के रास्ते खोलना है।

अपनी सामाजिक जिम्मेदारी की विरासत को जारी रखते हुए, डाबर ने देशभर में अपने स्वास्थ्य शिविरों का विस्तार करने की योजनाओं की भी घोषणा की है। इन शिविरों में वंचित समुदायों को मुफ्त स्वास्थ्य जाँच, आयुर्वेदिक दवाइयाँ, डायग्नोस्टिक जाँच और उपचार प्रदान किए जाएँगे। यह पहल सभी के लिए समग्र स्वास्थ्य सेवा को सुलभ बनाने के डाबर के लक्ष्य को मजबूत करती है।

श्री रंजन बनर्जी, एथिकल सेल्स हेड-ईस्ट, डाबर इंडिया लिमिटेड ने कहा, 'आयुर्वेद केवल एक प्राचीन परंपरा नहीं है; डाबर में, यह हमारे लिए आधुनिक विज्ञान का एक क्षेत्र है। हम इस महान ज्ञान के संरक्षक हैं, लेकिन हमारे ऊपर इसके लाभों को ठोस सबूतों से साबित करने की भी जिम्मेदारी है। इसीलिए हम पुराने ग्रंथों के ज्ञान को अत्याधुनिक शोध (रिसर्च), क्लिनिकल परीक्षणों और सख्त गुणवत्ता जाँच (क्वालिटी चेक) के साथ मिलाते हैं। हमारे उत्पाद 'विरासत द्वारा मान्य, विज्ञान द्वारा प्रमाणित' हैं। परंपरा और आधुनिक प्रमाण का यह मिश्रण ही आज की नई पीढ़ी के लिए आयुर्वेद को विश्वसनीय और प्रभावी बनाता है

उपभोक्ता तेजी से प्राकृतिक और प्रीवेन्टिव हेल्थकेयर स्वास्थ्य देखभाल  के समाधानों की तलाश कर रहे हैं, इसलिए डाबर का यह बहु-आयामी अप्रोच यह सुनिश्चित करता है कि आयुर्वेद केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद, आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली है जो आज की तेज़-तर्रार ज़िंदगी में आसानी से फिट बैठती है

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