आकाश इंस्टीट्यूट ने डब्ल्यूबीसीएचएसई स्टूडेंट्स के लिए स्पेशलाइज्ड एकेडमिक प्रोग्राम लॉन्च किएइस पहल का उद्देश्य पश्चिम बंगाल बोर्ड के छात्रों को बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने में समर्थन देना है
कोलकाता, 21 फरवरी : आकाश इंस्टीट्यूट ने आज अपने स्पेशलाइज्ड एकेडमिक प्रोग्राम लॉन्च करने की घोषणा की है, जो खास तौर पर वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन (डब्ल्यूबीसीएचएसई) के स्टूडेंट्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पहल का मकसद स्टूडेंट्स को नए सेमेस्टर-बेस्ड सिस्टम के तहत बदलते एकेडमिक स्ट्रक्चर में आसानी से ढलने में मदद करना और नीट, डब्ल्यूबीजी जैसे कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी भी कराना है।
इस प्रोग्राम का कॉन्सेप्ट स्टूडेंट्स और पेरेंट्स से मिले फीडबैक के आधार पर तैयार किया गया, जो नए चार-सेमेस्टर फ्रेमवर्क को समझने और स्ट्रक्चर्ड एकेडमिक सपोर्ट पाने की मांग कर रहे थे। आकाश इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर, श्री तिलक राज खेमका, ने डब्ल्यूबीसीएचएसइ स्टूडेंट्स की एकेडमिक और कॉम्पिटिटिव जरूरतों के हिसाब से एक लर्निंग इकोसिस्टम बनाने की पहल का नेतृत्व किया।
37 वर्षों के अनुभव और एकेडमिक एक्सीलेंस के साथ, आकाश इंस्टीट्यूट का यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स को बोर्ड और एंट्रेंस एग्जाम दोनों में कॉन्सेप्चुअल समझ और तैयारी मजबूत करने में मदद करता है।
रिवाइज़्ड डब्लूबीसीएचएसइ फ्रेमवर्क के तहत, स्टूडेंट्स चार सेमेस्टर में पढ़ाई करते हैं, जिनमें अलग-अलग असेसमेंट पैटर्न हैं:
ऑड सेमेस्टर (I और III): ऑब्जेक्टिव-बेस्ड असेसमेंट, जिसमें एमसीक्यु और एनालिटिकल थिंकिंग पर फोकस
इवन सेमेस्टर (II और IV): डिस्क्रिप्टिव इवैल्यूएशन, जिसमें कॉन्सेप्चुअल डेप्थ और एक्सप्रेशन पर जोर
डब्ल्यूबीसीएचएसई के साथ करिकुलम एलाइनमेंट
प्रोग्राम को आधिकारिक डब्ल्यूबीसीएचएसई सिलेबस के साथ सावधानीपूर्वक मैप किया गया है, जिससे सभी जरूरी टॉपिक और कॉन्सेप्ट की पूरी कवरेज सुनिश्चित होती है। यह स्ट्रक्चर्ड एलाइनमेंट स्टूडेंट्स को कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करते हुए एकेडमिक मास्टरी पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
बेहतर तैयारी के लिए जल्दी पूरा करने की रणनीति
इस पहल की एक खासियत क्लास 12 के स्टूडेंट्स के लिए इसका जल्दी सिलेबस पूरा करने का मॉडल है। फरवरी एग्जाम शेड्यूल से पहले सेमेस्टर IV का करिकुलम पूरा करके, यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स को अधिक रिवीजन टाइम, स्ट्रक्चर्ड मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस सेशन, बढ़ा हुआ कॉन्फिडेंस, कम एग्जाम स्ट्रेस, और नीट व डब्ल्यूबीजी जैसे कॉम्पिटिटिव एग्जाम की डेडिकेटेड तैयारी का पर्याप्त समय प्रदान करता है।
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